कब आपको पर्सनल लोन किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर करना चाहिए?

यह सच है कि पैसा शहद से भी ज्यादा स्वादिष्ट होता है. हम किसी रोमांटिक डेट को रद्द या उसे नजरअंदाज कर सकते हैं लेकिन अगर मौका मिले तो क्या हम अपने खर्चों को कम करने का चांस गंवा सकते. जवाब होगा नहीं. एक तर्कसंगत इंसान होने के नाते आप हमेशा कम कीमत के फायदे का विकल्प चुनते हैं, उसी तरह जैसे एक तर्कसंगत ग्राहक हमेशा लिए हुए लोन की लागत को कम करने के तरीके ढूंढता है. लोन की लागत को कम करने के कई तरीकों में से एक है बैलेंस ट्रांसफर. यह आपकी क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर के लिए आसान और यकीनन फायदेमंद है.

पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर

पर्सनल लोन का ट्रांसफर एक आसान कॉन्सेप्ट है. लेकिन इस मामले में आपको एक निश्चित ब्याज दर पर बैंक से पर्सनल लोन मिलेगा. कुछ ईएमआई चुकाने के बाद आप बाकी की लोन राशि अपनी पसंद के किसी बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिसकी ब्याज दरें कम हों. रीपेमेंट या किसी अन्य स्थिति में लोन बैलेंस ट्रांसफर में किसी तरह की परेशानियां नहीं होतीं. किस्त अपनी जगह पर रहेंगी. जो चीज बदलेगी, वो होगी चुकाए जाने वाला पैसा. अब जब आप ऐसा पर्सनल लोन हासिल कर रहे हैं, जिसमें आपको कम ब्याज देना होगा तो किस्तें भी बदल जाएंगी. यह बैंक के अवधि नियमों और लोन के पेमेंट सिस्टम पर निर्भर करेगा.

क्या पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर फायदेमंद है?

यहां यह एक बेहद अहम पॉइंट है. क्या पर्सनल लोन फायदेमंद है या नहीं, यह सवाल खुद में ही व्यक्तिपरक है. लोन कोई स्नैक नहीं है कि जब आपको भूख लगे, आपने उसे ले लिया. यह मुख्य भोजन की तरह है, जो तभी लिया जाता है, जब आपको जरूरत होती है. अगर आप पर्सनल लोन ले रहे हैं तो उसके साथ कुछ तरह के फायदे भी आते हैं.

लोन के ट्रांसफर में जो पहली चीज आपको मिलती है, वो है कम ब्याज दर और लंबी लोन अवधि. यह किसी के लिए बुरा और किसी के लिए अच्छा हो सकता है. आमतौर पर यह ग्राहकों के लिए अच्छा होता है. जब आपको कम ब्याज दरें मिलती हैं तो लंबे वक्त के लिए अवधि बढ़ाने में मुश्किल नहीं है.

दूसरी ओर अगर आप लंबे समय के लिए ईएमआई चुकाते हैं तो अपने आप ही आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ जाता है. लेकिन ध्यान रहे कि ईएमआई लगातार चुकानी होगी. असल में अब ग्राहक के लिए ईएमआई का भुगतान नियमित रूप से करना आसान होगा क्योंकि कर्ज की दर पहले की तुलना में बहुत कम है.

ब्याज दरें कम- कैसे?

जैसे कि ऊपर आर्टिकल में बताया गया कि आप लोन ट्रांसफर एक बैंक से दूसरे बैंक में कम ब्याज दरें हासिल करने के लिए करते हैं लेकिन आप जितना सोच रहे हैं, यह उतना आसान नहीं है. मूल रूप से इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उधारकर्ता यहां क्या करने को तैयार है. सभी ग्राहक ब्याज दरों में कटौती ही चाहते हैं. लेकिन अगर वे चाहें भी तो कम ब्याज दर पर स्विच नहीं कर सकते. यह दूसरे बैंक पर निर्भर करेगा कि वह आपको कम ब्याज देगा या नहीं.

कम ब्याज दर पाने के लिए अपना पर्सनल लोन ट्रांसफर करें

आपने XYZ बैंक से पर्सनल लोन लिया. अगर आप नियमित रूप से ईएमआई भी चुका रहे हैं. इससे आपका क्रेडिट स्कोर भी लगातार बढ़ रहा है. इससे दूसरे बैंक भी हरकत में आएंगे, क्योंकि उन्हें भी आपकी तरह प्रतिबद्ध ग्राहक चाहिए. इस मामले में वे आपको कम ब्याज दरों पर लोन देंगे. हर महीने कुछ पैसा बचाने के लिए आप इस मामले में दूसरे बैंक में स्विच कर सकते हैं.

पर्सनल लोन ट्रांसफर करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

प्रोसेसिंग फीस

जब आपने पहली बार लोन लिया होगा तो आपने प्रोसेसिंग फीस भी चुकाई होगी. जब आप स्विच करेंगे तो नए बैंक को भी प्रोसेसिंग फीस देनी होगी. इस फीस को कैलकुलेट करें कि क्या स्विच करना फायदेमंद है या नहीं.

सिक्योरिटी वैल्यू और गारंटी

आमतौर पर ग्राहक पिछले बैंक में रखी अपनी पुरानी गारंटी को ही बतौर सिक्योरिटी नए बैंक में भी रख देते हैं. यह आम बात है लेकिन यहां एक झटका है. अगर आपने पहले ही अपने लोन के बड़े हिस्से का भुगतान कर दिया है, तो एक सिक्योरिटी भी देना, जिसकी कीमत बिना चुकाए गए हिस्से से ज्यादा है, बुद्धिमानी भरा फैसला नहीं है.

टोटल कैश आउटफ्लो

आप कम ब्याज दरों की ओर आकर्षित हुए लेकिन क्या आपने सोचा कि इसी दौरान आपकी लोन अवधि भी ज्यादा हो गई. इसलिए यह कैलकुलेट करना जरूरी है कि आप कितना पैसा कर्जदाता को चुका रहे हैं. जितना आपको चुकाना है, टोटल कैश आउटफ्लो उससे ज्यादा नहीं होना चाहिए.

लोन के पेपर्स पर साइन करने से पहले नियम व शर्तें ध्यान से पढ़ें

लोन अग्रीमेंट पर साइन करने से पहले उसमें लिखे नियम व शर्तों को ध्यान से पढ़ लें खासकर छिपे हुए चार्जेज के बारे में जरूर मालूम कर लें.

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