इस्टेंट लोन पाने के लिए क्या हैं विकल्प? मिलेंगे ये फायदे

कई बार ऐसा वक्त आता है, जब कुछ अप्रत्याशित निजी खर्चे आ जाते हैं, जिसके लिए हमारे पास फंड्स नहीं होते. ऐसी स्थिति से निकलने का तरीका सिर्फ इंस्टेंट लोन ही होता है. इंस्टेंट पर्सनल लोन की अवधि कम होती है और तुरंत प्रोसेसिंग हो जाती है. इसे आप आसानी से ऑनलाइन अप्लाई भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको न्यूनतम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है और पैसा अकाउंट में भी जल्द आ जाता है.

आइए आपको कुछ इंस्टेंट पर्सनल लोन्स ऑप्शन्स के बारे में बताते हैं, जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं.

पर्सनल लोन

वित्तीय परेशानियों से निपटने के लिए पर्सनल लोन सबसे कॉमन असुरक्षित लोन, है, जो लोगों के लिए उपलब्ध है. अधिकतर बैंक और एनबीएफसी 30 हजार से 40 लाख रुपये तक के लोग योग्यता के आधार पर ग्राहकों को देते हैं. सुरक्षित लोन की तुलना में इस पर ब्याज दर ज्यादा होती है और अवधि लचीली भी, ताकि आप सुविधानुसार लोन को वापस चुका सकें.

शॉर्ट टर्म पर्सनल लोन्स (STPLs)

STPLs  ने हाल ही के दिनों में भारत में काफी पॉपुलैरिटी हासिल की है क्योंकि वे 1000 रुपये का भी लोन मुहैया कराते हैं. कई एनबीएफसी या डिजिटल कर्जदाता इन्हें उपलब्ध कराते हैं. इस तरह के लोन महीने के अंत में जो वित्तीय परेशानियां होती है, उससे निपटने में कारगर हैं. इस लोन को लेने के लिए, आपको ऑनलाइन या ऐप के लिए जरिए अप्लाई करना होगा और दस्तावेज अपलोड करके पैसा आपके अकाउंट में आ जाएगा.

टॉप-अप लोन

क्या आपका पहले ही पर्सनल या होम लोन चल रहा है? अगर हां तो आप इस लोन पर टॉप अप लोन लेकर अतिरिक्त फंड भी हासिल कर सकते हैं. चूंकि बैंक के पास आपकी सारी जानकारियां व दस्तावेज हैं ही. आप फॉर्म भरकर और कुछ नई औपचारिकताएं पूरी कर लोन प्रोसेस कर सकते हैं.

क्रेडिट कार्ड के एवज में लोन

अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड है तो इस तरह का लोन आपको क्रेडिट कार्ड प्रोवाइडर की ओर से आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री और क्रेडिट कार्ड की सीमा के आधार पर दिया जा सकता है. प्री-अप्रूव्ड लोन में न्यूनतम प्रोसेसिंग की जरूरत पड़ती है और फंड भी तुरंत मिल जाता है. इसके लिए आप अपने क्रेडिट कार्ड प्रोवाइडर से बात कर सकते हैं.

सेविंग्स व इंश्योरेंस के एवज में लोन

कई बैंक और एनबीएफसी छोटी सेविंग्स जैसे इंश्योरेंस पॉलिसी, एफडी, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) के एवज में ये लोन देते हैं. इस लोन को डिमांड लोन भी कहा जाता है. लेकिन जो लोन की राशि आपको मिलती है, वह पॉलिसी या एनएससी की मैच्योरिटी वैल्यू पर निर्भर करती है. अगर आपका रीपेमेंट रिकॉर्ड साफ है तो आपको सेविंग्स वैल्यू के 90 प्रतिशत तक लोन राशि मिल सकती है.

इंस्टेंट लोन अप्लाई करने से पहले किन बातों पर करें विचार?

लोन अमाउंट

एक सूची बनाएं, प्राथमिकता दें और निजी जरूरतों को लेकर तय करें, जिन्हें आप इस लोन के साथ फाइनेंसिंग करेंगे. साथ ही अन्य खर्चों की सूची बनाएं, जो ईएमआई के साथ-साथ आपकी मासिक आय में से खर्च होगी. प्राथमिकता और अन्य खर्चों के आधार पर एक लोन राशि तय करें, जिसे आपको उधार लेने की जरूरत है. अपनी मासिक तनख्वाह के साथ कई खर्चों को कम करने की कोशिश करें.

अपनी भुगतान क्षमता की समीक्षा करें

लोन अप्लाई करने से पहले, खुद को रीपेमेंट के लिए तैयार करें और समीक्षा करें कि क्या आप बिना परेशानी के लोन भुगतान कर सकते हैं. अपनी क्षमता से ज्यादा कभी भी लोन न लें और खर्चों पर नजर रखें.

सही अवधि चुनें

अपनी क्षमता अपनी रीपमेंट क्षमता की समीक्षा के बाद उतनी अवधि चुनें, जितने में आप बिना किसी परेशानी के लोन चुका दें. ये अवधि आमतौर पर 12 से 60 महीने के बीच हो सकती है और ग्राहक इस पर फैसला ले सकता है.

ब्याज दरों की तुलना करें

भले ही आप कोई भी लोन का विकल्प चुनें, सिर्फ उसी ऑप्शन पर ही हां न कर बैठें, जो सबसे पहले मिला हो. अन्य कर्जदाताओं की ब्याज दरें की तुलना करें, ताकि आपको न्यूनतम ब्याज पर लोन मिले.

इंस्टेंट लोन आपको रिश्तेदारों से पैसा मांगने की शर्मिंदगी से बचा सकता है. लेकिन उधार स्मार्ट तरीके से लें ताकि आप कर्ज के मकड़जाल में न फंस जाएं.

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