लोन एप्लिकेशन खारिज होने के लिए जिम्मेदार अप्रत्याशित कारण

जब आप बैंक या एनबीएफसी से लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो अपनी लोन चुकाने की काबिलियत को पहचानें. यह फैसला विभिन्न फैक्टर्स पर निर्भर होता है, जो आपकी विश्वसनीयता तय करता है. इन फैक्टर्स में से कुछ हैं- ग्राहक की उम्र, आय, करियर की स्थिरता और क्रेडिट हिस्ट्री. लेकिन कोई भी लोन लेने से पहले लोन की ईएमआई जरूर कैलकुलेट कर लें. इससे आप अच्छे से प्लानिंग और सही कर्जदाता भी ढूंढ पाएंगे.

लोन एप्लिकेशन मंजूर करने के लिए कर्जदाताओं का अपना योग्यताओं का पैमाना होता है. अगर कर्जदाता किसी ग्राहक को इन फैक्टर्स में से किसी के काबिल नहीं मानते तो लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है.

आपकी लोन अर्जी क्यों ठुकराई जा सकती है, ये हैं कारण

जल्दी-जल्दी उधार लेना

आमतौर पर कर्जदाता ऐसे ग्राहकों को लोन देने में हिचकते हैं, जिन्होंने पहले से ही कई लोन लिए हुए हों. ऐसे आवेदक को लोन देने से उस पर कर्ज का बोझ और बढ़ जाता है और डिफॉल्ट होने की संभावना बनी रहती है. लिहाजा ऐसे आवेदक को लोन देना जोखिम भरा हो सकता है. जल्दी-जल्दी लोन लेने से CIBIL स्कोर पर भी असर पड़ सकता है. भले ही आप शेड्यूल के हिसाब से वक्त पर ईएमआई भी भर रहे हों फिर भी कर्जदाता यही समझेगा कि ग्राहक अपनी लोन पर निर्भरता के कारण कर्ज नहीं चुका पाएगा. ऐसे मामलों में जहां एप्लिकेशन पर वित्तीय बोझ होता है, वहां कर्जदाता उसे जोखिम भरी प्रोफाइल मानकर लोन को रिजेक्ट कर देते हैं.

सह-आवेदक का खराब CIBIL स्कोर

हर लोन आवेदक का CIBIL स्कोर अच्छा होना चाहिए. फिर भी आपकी लोन एप्लिकेशन अनपेक्षित कारणों से रिजेक्ट हो सकती है. आपके सह-आवेदक का खराब CIBIL स्कोर इसका अहम कारण हो सकता है. इसलिए भले ही आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा हो और आपके सह-आवेदक का खराब, फिर भी आपकी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है.

जल्दी-जल्दी नौकरी छोड़ने वाले

आपकी नौकरी की स्थिरता एक अहम भूमिका निभाती है, जब आप लोन एप्लिकेशन के लिए अप्लाई करते हैं. नौकरी की स्थिरता से कर्जदाता को रीपेमेंट को लेकर राहत मिलती है. कर्जदाता ऐसे आवेदकों को लोन देने को ज्यादा अहमियत देते हैं, जो किसी एक कंपनी में कम से कम दो साल से हो. अगर आपकी नौकरी स्थिर नहीं है तो कर्जदाता रीपेमेंट को लेकर संतुष्ट नहीं होगा और लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट कर देगा.

अगर आपकी लोन एप्लिकेशन पहले भी रिजेक्ट हुई हो तो…

अगर किसी एक कर्जदाता से आपकी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो चुकी है तो उसके पास जल्दी-जल्दी दोबारा अप्लाई न करें. या फिर आप बहन या दोस्तों के साथ जॉइंट लोन लेना चाहते हैं तो हो सकता है कि कुछ बैंक जॉइंट लोन भाइयों को दे दें, जो सह-आवेदक बनना चाहते हैं लेकिन कुछ बैंकों के नियम के मुताबिक वे बहनों या फिर भाई या बहन या फिर दोस्तों को लोन नहीं देते, जो सह-आवेदक बनना चाहते हैं.

लेकिन लोन में आप अपने माता-पिता को सह-आवेदक बना सकते हैं. CIBIL में आपकी लोन रिजेक्शन्स भी शामिल होती हैं. इसलिए अगर आपकी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो गई है तो अन्य कर्जदाताओं के पास आवेदन करना शुरू कर दें. एप्लिकेशन रिजेक्ट होने के कारणों का पता लगाएं और उसे सुधारने पर काम करें. CIBIL में अगर कुछ गलतियां हैं तो उसे सुधारें या फिर कोई दुविधा होने पर क्रेडिट रिकॉर्ड को अपडेट करें.

अगर आपने दोस्त या बहन को सह-आवेदक बनाकर लोन अप्लाई किया है

जॉइंट लोन मिलना मुमकिन है लेकिन कुछ बैंक भाइयों, बहन या दोस्तों को बतौर सह-आवेदक बनाए जाने को नहीं मानते. कुछ बैंकों के तो ये सख्त नियम होते हैं कि अगर बहनें, भाई या दोस्त बतौर सह-आवेदक लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो उन्हें लोन न दिया जाए. लेकिन अगर माता-पिता या पति/पत्नी को आप सह-आवेदक बनाते हैं तो लोन अप्रूव हो सकता है.

टैक्स चुकाने में अनियमितताएं

कर्जदाता ऐसे आवेदकों को लोन देना पसंद करते हैं, जो लगातार अपना इनकम टैक्स रिटर्न्स नियमित रूप से भरते आए हों. इसकी जांच करने के लिए कर्जदाता दो या तीन साल के आईटी रिटर्न्स मांगते हैं. अगर पिछले कुछ वर्षों में ग्राहक ने आईटी रिटर्न्स नहीं भरा होता तो उसकी लोन एप्लिकेशन कर्जदाता मंजूर नहीं करता.

डिफॉल्टेड लोन का गारंटर

अगर आप कोई लोन चुकाने में असमर्थ रहे हैं तो इससे आपके और गारंटर के CIBIL पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. लिहाजा, भले ही आपने सीधी खरीद न की हो और लोन का हिस्सा बतौर गारंटर हैं और मुख्य आवेदक लोन चुकाने में असमर्थ रहता है तो उससे आपका भी CIBIL प्रभावित होगा. ऐसी स्थितियों में अगर आप लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो कम CIBIL स्कोर होने के कारण वह रिजेक्ट हो जाएगा. लिहाजा किसी के लोन का गारंटर बनने से पहले उस शख्स की चुकाने की काबिलियत जरूर सुनिश्चित कर लें.

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