पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों पर करें विचार, फायदे में रहेंगे

लोन मिलना एक बड़ा कदम होता है और इसके लिए योजना और जांच की जरूरत पड़ती है. फंड्स की कमी को पूरा करने के लिए इमरजेंसी सेविंग्स हमेशा काम नहीं आती इसलिए लोन लेने की जरूरत पड़ती है.

ख्वाहिशों को पूरा करना हो या किसी आपातकालीन स्थिति से निपटना, पर्सनल लोन एक अस्थायी उपाय के तौर पर उभरे हैं. डिजिटल क्रांति आने से ऑनलाइन लोन मिलना भी आसान हो गया है. ऐसे युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर करने के लिए पर्सनल लोन का रुख कर रहे हैं.

बेहतर सुविधाओं के कारण ऑनलाइन कर्जदाता भी मशहूर हो रहे हैं. पर्सनल लोन एक असुरक्षित लोन है, जिसके लिए आपको कोई भी चीज गिरवी रखनी नहीं पड़ती. लेकिन अगर इसे सही से मैनेज न किया जाए तो फायदे से ज्यादा यह नुकसान दे सकता है. आइए आपको कुछ फैक्टर्स बताते हैं, जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए.

अपने फाइनेंस की समीक्षा करें

पर्सनल लोन देखने में लुभावना विकल्प लग सकता है लेकिन अगर भुगतान वक्त पर न किया गया तो आपके क्रेडिट पॉइंट्स में गिरावट आ जाएगी, जिससे स्थिति आपके लिए और बदतर हो जाएगी. आय और खर्चों के लिए मासिक बजट तैयार करें. अतिरिक्त खर्चों, जैसे ईएमआई की कैलकुलेशन आप ईएमआई कैलकुलेटर के जरिए कर सकते हैं. इसमें आप सिर्फ लोन की राशि, अवधि और ब्याज दर डालें. एक कच्चा आंकड़ा आपके सामने पेश हो जाएगा, जो आपकी मासिक बजट बनाने में मदद करेगा.

क्रेडिट स्कोर देखें

लोन एप्लिकेशन देखते वक्त कर्जदाता सबसे पहले ग्राहक का क्रेडिट स्कोर चेक करता है. असुरक्षित लोन होने के कारण पर्सनल लोन की शर्तें ज्यादा कठोर हैं. क्रेडिट स्कोर ग्राहक की एलिजिबिलिटी दिखाता है कि वह कितनी खूबसूरती से अपने फाइनेंस को मैनेज करता है. क्रेडिट स्कोर के आधार पर, कर्जदाता तय करता है कि क्या ग्राहक वक्त पर पेमेंट कर पाएगा. 800 क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहक को आकर्षक ब्याज दरों पर लोन आसानी से मिल जाएगा.

उधार लेते वक्त जरूरत देखें योग्यता नहीं

हर दिन आपके ईमेल बॉक्स में एक प्री-अप्रूव्ड लोन का ईमेल आता होगा. इन लुभावने चक्करों में न पड़ें क्योंकि ये टीम की मार्केटिंग रणनीति होती है. सिर्फ उतनी लोन राशि के लिए अप्लाई करें, जितनी कम पड़ रही है. ज्यादा राशि लेने से ईएमआई भी ज्यादा चुकानी पड़ेगी.

बेहतर डील के लिए मोलभाव करें

बीते वर्षों में पर्सनल लोन की मार्केट काफी प्रतिस्पर्धी हो गई है. सभी बैंक और एनबीएफसी आकर्षक दरों पर पर्सनल लोन मुहैया करा रहे हैं. जिस कर्जदाता से सबसे पहले मिलें, उसी के चक्कर में न पड़ जाएं. ब्याज दरों के अलावा आपको विभिन्न कर्जदाताओं के प्रीपेमेंट पेनाल्टी, लेट पेमेंट पर ब्याज/पेनाल्टी, चेक बाउंस चार्जेज इत्यादि के बारे में जान लेना चाहिए. जो आपको सबसे बेहतर डील दे, उसी के साथ जाएं.

अतिरिक्त ऑफर्स को नजरअंदाज करें

पर्सनल लोन बेचते वक्त बैंक एक्सीडेंटल इंश्योरेंस जैसे प्लान ग्राहक को देने की कोशिश करते हैं. ऐसे अतिरिक्त ऑफर्स से आपकी ईएमआई बढ़ेगी. ऐसे अतिरिक्त प्लान्स को तुरंत मना कर दें. इंश्योरेंस सिर्फ एक उदाहरण है, लेकिन कर्जदाता आपको ऐसे ऑफर्स जरूर देते हैं.

सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें

कर्जदाता सभी जानकारियों के बारे में नहीं बताते. लोन अग्रीमेंट साइन करते वक्त,सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लें. इसमें छिपे हुए शुल्क शामिल होते हैं. अगर इस पर आपने ध्यान नहीं दिया तो आपको बाद में ज्यादा भुगतान करना होगा. डील फाइनल करने के दौरान स्मार्ट बनें और भविष्य के फाइनेंस के बारे में सोचें.

अन्यों पर भी विचार करें

य़ह बात तो सभी जानते हैं कि असुरक्षित लोन होने की वजह से पर्सनल लोन में ब्याज दरें ज्यादा होती हैं. आप अपने दोस्तों या परिवार की मदद ले सकते हैं या फिर कुछ संपत्ति बेच भी सकते हैं ताकि थोड़े वक्त की परेशानी का हल निकल आए. अगर आपको परिवार से ही पैसे मिल जाते हैं तो आप ब्याज दरों में काफी सेविंग्स कर सकते हैं. लेकिन उन्हें पैसे लौटा जरूर दें.

पैसों की कमी को पूरा करने के लिए पर्सनल लोन एक अहम स्रोत है. लेकिन कोई बड़ा कदम उठाने से पहले ऊपर बताए गए पॉइंट्स पर विचार जरूर करें.

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