प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेने पर ये 7 फैक्टर्स योग्यता पर डालते हैं असर

कर्ज लेना और देना हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. ऐसे मौके आमतौर पर तब आते हैं, जब आप और आपकी जिंदगी का सपना पैसों की तंगी के कारण दूर-दूर होते हैं. जब भी आप जिंदगी में कोई बड़ा फैसला लेने की कगार पर होते हैं तो उस वक्त पैसा सबसे अहम चीज बन जाता है. लेकिन आदर्श स्थिति वो होती है, जब आपने जरूरत के समय के लिए पैसा बचाया हो. लेकिन दुर्भाग्यवश, जिंदगी जो हम जीते हैं वह आदर्श स्थिति से अलग होती है. कई बार हमारे पास पैसों की कमी होती है और इस कमी को पूरा करने के लिए हम पैसे उधार लेते हैं. कर्ज लेना कोई बड़ी बात नहीं है. कर्ज के साथ जीना आज की पीढ़ी के लिए मामूली बात हो गई है.

जरूरत के वक्त पैसा हासिल करने के कई तरीके हैं. इन सब विकल्पों के बीच प्रॉपर्टी के एवज में लोन (Loan Against Property)  सर्वश्रेष्ठ विकल्प है क्योंकि इसमें असुरक्षित लोन माने पर्सनल लोन की तुलना में ब्याज दर कम होती है. प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेने के लिए जाहिर है कि आपके पास प्रॉपर्टी होनी चाहिए. लेकिन सिर्फ प्रॉपर्टी होना ही सारी योग्यताओं के पूरे होने का पैमाना नहीं है. और भी कई चीजें होती हैं, जो पूरी करनी होती हैं.

आइए आपको इन फैक्टर्स के बारे में बताते हैं, जो आपकी प्रॉपर्टी के एवज में लोन की योग्यता को प्रभावित कर सकते हैं.

आपका क्रेडिट स्कोर

असुरक्षित लोन पाने के लिए सबसे जरूरी क्राइटेरिया है आपका क्रेडिट स्कोर. लेकिन प्रॉपर्टी के एवज में लोन देने से पहले भी कर्जदाता क्रेडिट स्कोर देखते हैं. क्रेडिट स्कोर बताता है कि लोन चुकाने की आपकी क्षमता कैसी है. ग्राहक की विश्वसनीयता काफी हद तक लोन पुनर्भुगतान के पुराने रिकॉर्ड पर आधारित होती है.

आय का स्रोत

ग्राहक की आय का स्रोत इसलिए चेक किया जाता है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि वह हर महीने ईएमआई चुकाएगा. अगर आपके पास कोई प्रॉपर्टी है, जिसका मूल्य काफी ज्यादा है तब भी शायद आपको लोन न मिले, अगर कर्जदाता आपकी मासिक आय से संतुष्ट नहीं हुआ.

प्रॉपर्टी के दस्तावेज

जब बात प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन लेने की आती है तो आपकी प्रॉपर्टी पर कानूनी परेशानियां नहीं होनी चाहिए. कर्ज देने वाला सबसे पहले प्रॉपर्टी के कागज ही देखेगा. अगर आपकी प्रॉपर्टी पर कोई कानूनी परेशानियां नजर आईँ तो एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाएगी. कर्जदाता टाइटल डील, विभिन्न विभागों की मंजूरी, बिल्डिंग प्लान और अन्य जरूरी दस्तावेज मांग सकता है.

लोन की अवधि

प्रॉपर्टी के एवज में लोन की जो अवधि आप चाहते हैं, वो रिजेक्ट हो सकती है. अगर आप कम अवधि चाहते हैं, तो ईएमआई ज्यादा होगी और ज्यादा अवधि में लोन की राशि कम होगी. ईएमआई आप होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर से भी चेक कर सकते हैं. इससे आप अपना बजट तय कर सकते हैं. अगर आपकी आय कम है और आप कम अवधि का लोन लेना चाहते हैं तो आपकी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है.

उम्र

आयु भी एक पैमाना है, जिस पर आपको लोन पाने के लिए खरा उतरना है.  60 साल की आयु तक पहुंचने से पहले ही लोन चुकता करना होगा. मान लीजिए कि लोन के लिए अप्लाई करते वक्त आपकी उम्र 55 साल है तो आपके पास उसे चुकाने के लिए 5 साल का ही वक्त बचेगा.

नौकरी का इतिहास

अगर आप नौकरी करते हैं तो कर्जदाता देखेगा कि आप किस नौकरी में कितने वक्त रहे. कॉरपोरेट वर्ल्ड में नौकरी बदलते रहना ही आगे बढ़ने की सीढ़ी है. लेकिन आपके इस कदम को कर्जदाता नकारात्मक रूप में ले सकता है. प्रॉपर्टी के एवज में लोन पाने के लिए आपको मौजूदा कंपनी में दो साल पूरे होने चाहिए.

प्रॉपर्टी इंश्योरेंस

अन्य क्राइटेरिया के साथ-साथ कर्जदाता घर का इंश्योरेंस भी चेक करेगा प्रॉपर्टी के एवज में लोन के लिए संपत्ति का इंश्योरेंस होना जरूरी है. प्रॉपर्टी की इंश्योरेंस आपके वित्तीय हितों को सुरक्षित रखता है. साथ ही कर्जदाता को एनपीए का सामना करने से बचाता है. होम इंश्योरेंस के बिना, आपको शायद प्रॉपर्टी के एवज में लोन न मिले.

इन बातों का रखें ध्यान

प्रॉपर्टी के एवज में लोन पाना आसान और किफायती है. इससे आपकी जेब पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ेगा. लेकिन इन सारी सुविधाओं के साथ-साथ आपकी प्रॉपर्टी पर जोखिम बना रहता है. जब भी आप प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन लेते हैं तो ध्यान रहे कि आपने प्रॉपर्टी के दस्तावेज कर्जदाता को सौंप रखे हैं. अगर आप किसी कारणवश लोन नहीं चुका पाए तो उसकी भरपाई करने के लिए कर्जदाता आपकी प्रॉपर्टी बेच देगा. इसलिए जब भी प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन लें तो हमेशा वक्त से ही ईएमआई चुकाएं. अगर आप प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेकर उसे समय पर चुकाते हैं, तो आप इसमें रहने के अलावा संपत्ति के मालिक होने का सबसे अच्छा फायदा उठा सकते हैं.

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