घर लेने की सोच रहे हैं तो होम लोन डाउन-पेमेंट के लिए ऐसे बचाएं पैसे

कई लोग घर खरीदने का सपना देखते हैं. लेकिन वे प्लान इसलिए कैंसल नहीं करते क्योंकि वे घर खरीद नहीं सकते.
बल्कि उनके पास डाउन पेमेंट चुकाने के पैसे नहीं होते. जैसे ही बैंक से होम लोन की अर्जी मंजूर होती है, अगला कदम डाउन पेमेंट चुकाने का होता है. इसके लिए आपको घर खरीदने से पहले ही कदम उठाने पड़ते हैं. घर होम लोन अकाउंट की डाउन पेमेंट देने के लिए जितना हो सके बचाना शुरू करें. थोड़ा अनुमान लगाएं और उसके मुताबिक ही फंड का इंतजाम करें.

बैंक सिर्फ आपको प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य की 80-85 प्रतिशत राशि ही होम लोन के तौर पर देंगे. बाकी का 15-20 प्रतिशत आपको जैसे ही बैंक प्रोसेसिंग की अर्जी शुरू करेगा, तब अरेंज करना होगा. देरी से बचने के लिए, लोन मंजूर होते ही तुरंत इस्तेमाल के लिए कैश का इंतजाम करना जरूरी है. सभी बैंक डाउन पेमेंट मांगते हैं और इसे गारंटी के तौर पर रखा जाता है. अगर ग्राहक लोन अप्रूव होने के बाद डाउन पेमेंट नहीं दे पाता तो बैंक को होम लोन कैंसल करने का पूरा अधिकार है. डाउन पेमेंट के कॉन्सेप्ट के बारे में मालूम होना जरूरी है. डाउन पेमेंट के लिए कुछ पैसे बचाने के तरीके हम आपको बताने जा रहे हैं.

आगे की सोचें और बजट तैयार करें

अगर आप अगले 1-2 साल में घर खरीदने की सोच रहे हैं तो यही प्लानिंग और बजट बनाने का समय है. अपनी मासिक आय से थोड़ा-थोड़ा बचाकर होम लोन डाउन पेमेंट के लिए सेविंग्स करें. प्लानिंग और बजट बनाते समय महंगाई और लोन वैल्यू अप्रिसिएशन का भी ख्याल करें. पैसों को अनावश्यक चीजों में खर्च न करें. सिर्फ वहीं खर्च करें, जहां जरूरी हो ताकि आप ज्यादा से ज्यादा पैसे बचा सकें. भले ही आपको राशि छोटी लगे लेकिन जब आपको जरूरत होगी तब यही आपकी मदद करेगी.

मौजूदा चीजों का इस्तेमाल करें

होम लोन डाउन पेमेंट के पैसे जुटाने के लिए गोल्ड, बॉन्ड्स और महंगी धातु को बेच सकते हैं. अगर भविष्य में आपके प्रस्तावित घर के दाम बढ़ने की उम्मीद है तो इन चीजों को बेचा जा सकता है. लेकिन इमरजेंसी और घर निर्माण में जरूरी चीजों के लिए कुछ पैसा अपने पास रखें.

प्रॉपर्टी को बेच दें

अगर आपके पास कोई ऐसी प्रॉपर्टी है, जिसे बेचकर होम लोन डाउन पेमेंट दी जा सकती है तो ऐसा जरूर करें. ऐसी स्थिति में सेकंड हैंड गाड़ी या खाली प्लॉट से काम चलाया जा सकता है. जो संपत्तियां आपको ज्यादा रिटर्न नहीं दे रहीं, उन्हें होम लोन डाउन पेमेंट में इस्तेमाल किया जा सकता है. कोई संपत्ति जो कम राजस्व या रिटर्न देती हो, उसकी जगह हमेशा घर में निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए.

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के एवज में लोन

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के एवज में जो लोन मिलते हैं, उनकी ब्याज दर बेहद कम होती है और लोन को वापस चुकाने के कई विकल्प मौजूद होते हैं. अगर आपकी लाइफ इंश्योरेंस की वैल्यू ज्यादा है तो ज्यादा लोन राशि मिलने की उम्मीद है. इंश्योरेंस पॉलिसी की अवधि में इस लोन को चुकाया जा सकता है, लिहाजा कठिन वित्तीय स्थितियों से निपटने के लिए आपके पास वक्त है.

बचत के खिलाफ उधार

सेविंग्स को खत्म कर देना हमेशा समझदारी का फैसला नहीं होता. यही समय है, जब आप सेविंग्स के एवज में लोन पर विचार कर सकते हैं. सेविंग्स निकालने से कई बार प्री-मैच्योरिटी चार्जेज लगते हैं और भविष्य में आपको मिलने वाले रिटर्न्स पर भी असर पड़ता है. इसलिए इन पर लोन लेकर फंड अरेंज करना अच्छा रास्ता है. सिर्फ इस बात का ध्यान रहे कि ऐसे लोन की राशि सेविंग्स की वैल्यू का 50-70 प्रतिशत ही होगी. लेकिन इस पर काफी कम ब्याज राशि होगी, जो किफायती है.

इसके अलावा एक विकल्प कंपनी से सॉफ्ट लोन लेना भी है. डाउन पेमेंट चुकाते वक्त इसे आपकी बचत सूची में जोड़ने के विकल्प के रूप में माना जा सकता है. ऐसे लोन की ब्याज दर बहुत कम या जीरो होती है. लेकिन इससे आपकी मासिक आय में गिरावट आएगी क्योंकि लोन की ईएमआई हर महीने आपकी सैलरी से ही जाएगी.

यह ग्राहक की जिम्मेदारी है कि वो प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की अच्छे से जांच करे और डाउन पेमेंट की राशि अरेंज करे. प्रॉपर्टी में अगर कानूनी पचड़े होते हैं तो बैंक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. इसलिए सही समय पर डाउन पेमेंट अरेंज करने के लिए इन टिप्स का इस्तेमाल कीजिए.

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