पति या पत्नी के साथ जॉइंट होम लोन लेने के ये हैं फायदे और नुकसान

जॉइंट होम लोन

जॉइंट होम लोन मार्केट में मौजूद एक शानदार प्रोडक्ट है. अगर पति और पत्नी दोनों वर्किंग हैं तो जॉइंट होम लोन लेने का फैसला काफी समझदारी भरा है. दोनों ईएमआई चुकाने में बराबरी का योगदान दे सकते हैं. कई फायदे जुड़े होने के कारण जॉइंट होम लोन की इन दिनों काफी डिमांड है. इतना ही नहीं, अगर प्रॉपर्टी को कोई शख्स अपने ही नाम पर लेना चाहता है, फिर भी बैंक जॉइंट होम लोन लेने पर जोर देते हैं. आप सोच रहे होंगे कि अगर पत्नी कमा नहीं रही या हाउसवाइफ है तब क्या होगा? आप जानकर हैरान होंगे कि इस मामले में भी बैंक दोनों पार्टनर्स के नाम पर जॉइंट होम लोन देने को तैयार रहते हैं. आइए आपको बताते हैं कि जॉइंट होम लोन लेने के फायदे और नुकसान क्या हैं.

जॉइंट होम लोन लेने के फायदे

 

होम लोन की बड़ी राशि

जो लोन राशि किसी एक शख्स के नाम पर अप्रूव हुई है, उसकी तुलना करें तो जॉइंट होम लोन की राशि हमेशा ज्यादा होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि सह-ग्राहक को साथ जोड़ने से आपकी योग्यता बढ़ जाती है और नतीजन, आप बतौर कपल ज्यादा लोन लेने के काबिल बन जाते हैं. इतना ही नहीं अगर आप होम लोन लेने के योग्य नहीं भी हैं तब एक सह-आवेदक जोड़ने की वजह से आप होम लोन लेने के योग्य बन जाते हैं.

इसे उदाहरण से समझते हैं

रोहन ने 30 लाख रुपये के होम लोन के लिए अप्लाई किया. उसकी सालाना आय 7 लाख रुपये है और बैंक के मुताबिक, वह सिर्फ 20 लाख रुपये का लोन लेने योग्य है. लेकिन जो घर वह लेना चाहता है, उसके लिए 20 लाख रुपये काफी नहीं हैं. ऐसी स्थिति में उसके पास दो ही विकल्प हैं- पहला या तो वह होम लोन लेने का ख्याल दिल से निकाल दे या दूसरा वह 20 लाख रुपये की रेंज का ही कोई घर तलाश करे. लेकिन उसके पास सबसे बेहतरीन विकल्प और भी है- अपनी पत्नी को बतौर को-ओनर बनाना. ऐसा करने से उसकी एलिजिबिलिटी बढ़ जाएगी और दोनों को 30 लाख रुपये का होम लोन मिल जाएगा.

टैक्स छूट

ये बात शायद आप जानते होंगे कि होम लोन के लिए टैक्स छूट भी मिलती है. ये टैक्स छूट मूलधन के  भुगतान के लिए आयकर अधिनियम के सेक्शन 80सी और ब्याज के भुगतान पर सेक्शन 24 के तहत दी जाती है. लेकिन जॉइंट होम लोन के जरिए आप इससे भी ज्यादा बचा सकते हैं. अपने पति या पत्नी को होम लोन में बतौर को-ओनर जोड़कर ऐसा मुमकिन है. जब आप ऐसा करते हैं तो आप और आपकी पत्नी अलग-अलग टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं. लिहाजा दोनों 80 सी के तहत 1.5-1.5 लाख रुपये और सेक्शन 24 के तहत 2-2 लाख रुपये की टैक्स बचत कर सकते हैं. इससे आपकी टैक्स बचत दोगुनी हो जाएगी.

ब्याज दर पर छूट

ज्यादातर बैंक महिला होम लोन ग्राहकों के लिए ब्याज दरों में छूट देते हैं. इसलिए इसका फायदा उठाने के लिए आप अपनी पत्नी को प्राइमरी आवेदक और खुद को सेकंडरी आवेदक बना सकते हैं. ऐसा करने से आप अन्यों की तुलना में होम लोन कम ब्याज दरों पर हासिल कर सकते हैं.

जॉइंट होम लोन लेने के नुकसान

क्रेडिट स्कोर

अगर ग्राहक होम लोन की ईएमआई का भुगतान नहीं कर पाए तो इस मामले में दोनों आवेदकों का क्रेडिट स्कोर प्रभावित होगा और भविष्य में लोन हासिल करने में मुश्किलें आ सकती हैं.

तलाक के मामले में

अगर पति पत्नी अलग हो चुके हैं और तलाक की अर्जी लगा दी गई है तो प्रॉपर्टी के मालिकाना हक के लिए भी लड़ाई हो सकती है.

मौत के मामले में

अगर मुख्य आवेदक की मौत हो जाती है तो ईएमआई का सारा भार दूसरे आवेदक के सिर आ जाएगा और अगर वह कहीं नौकरी नहीं कर रहा/रही है तो उसके लिए भारी मुसीबत हो सकती है.

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