रिटायरमेंट के बाद लेना चाह रहे हैं होम लोन तो इन बातों का रखें ध्यान

Points To Remember For Availing Home Loan After Retirement

खुद का घर लेना कौन नहीं चाहता? लेकिन कुछ लोग काम करते हुए विभिन्न कारणों से घर नहीं ले पाते. लेकिन यह सोचना गलत है कि रिटायर हो चुका शख्स अपना घर नहीं खरीद सकता.

अन्यों की तरह पेंशनभोगी भी घर खरीदने के लिए होम लोन अप्लाई कर सकता है. लेकिन यह उतना आसान नहीं है क्योंकि जब बात रिटायर या रिटायरमेंट के करीब शख्स को लोन देने की आती है तो बैंक भयभीत नजर आते हैं.

ऐसा इसलिए है क्योंकि रिटायर हो चुके लोगों के पास आय के स्थिर स्रोत का अभाव होता है और इसलिए उन्हें पैसा उधार देना जोखिम भरा माना जाता है. लेकिन भले ही यह मुश्किल जान पड़ता हो लेकिन पेंशनभोगियों के लिए रिटायरमेंट के बाद होम लोन लेना नामुमकिन नहीं है. आज इस आर्टिकल में हम आपको उन विभिन्न तरीकों के बारे में बताएंगे, जिनके जरिए रिटायर हो चुका शख्स भी होम लोन ले सकता है.

जॉइंट लोन एक रास्ता है…

यह सलाह दी जाती है कि रिटायर्ड लोग, जो होम लोन लेना चाहते हैं, उन्हें एक कमाने वाले सह-आवेदक को जोड़ लेना चाहिए. यह उस शख्स के लोन पाने के चांस और बढ़ा देगा. इसके अलावा बच्चों, पति या पत्नी के साथ लोन के लिए आवेदन करने से उसे टैक्स छूट मिलेगी.

अच्छे क्रेडिट स्कोर की चाबी खोलेगी रास्ते

इस बात में कोई शक नहीं कि अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन दिलाने में अहम भूमिका अदा करता है. अच्छे क्रेडिट स्कोर का मतलब है कि आवेदक आसानी से लोन चुका सकता है.

यहां ये बताना भी जरूरी है कि क्रेडिट ब्यूरो 300-900 के बीच में क्रेडिट स्कोर देते हैं. हालांकि विभिन्न कर्जदाताओं के अलग-अलग मापदंड होते हैं लेकिन फिर भी 700-750 तक का क्रेडिट स्कोर अच्छा माना जाता है और 750 से ऊपर का शानदार.

दूसरी ओर, बुरा क्रेडिट स्कोर होने से न सिर्फ आपकी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाएगी बल्कि भविष्य में लोन लेने के चांस भी धुंधले पड़ सकते हैं. लिहाजा यह सलाह दी जाती है कि सभी बैंकों की लोन डिटेल्स की तुलना करें और तभी अप्लाई करें, जब आप योग्य हों.

सुरक्षित लोन बेहतर सौदा साबित हो सकता है

जिस लोन के पीछे कोई गारंटी दी गई हो, उसे सुरक्षित लोन कहा जाता है. सुरक्षित लोन में ग्राहक कर्जदाता/बैंक के पास कोई संपत्ति बतौर गारंटी रखता है. अगर ग्राहक लोन चुकाने में असफल रहता है तो बैंक या कर्जदाता उस संपत्ति को जब्त कर अपना नुकसान पूरा करते हैं. यह बताना जरूरी है कि रिटायर्ड शख्स के सुरक्षित लोन लेने के चांस असुरक्षित लोन की तुलना में ज्यादा होते हैं.

कम लोन टू वैल्यू रेश्यो चुनें

लोन टू वैल्यू (LTV) रेश्यो बैंक के जरिए होम लोन के द्वारा फाइनेंस की गई प्रॉपर्टी का उधारकर्ता को घर के लिए कितना फाइनेंस बतौर डाउन पेमेंट देना होगा का अनुपात होता है. उदाहरण के लिए, अगर प्रॉपर्टी की वैल्यू 1 करोड़ रुपये है और कर्जदाता ने 80 लाख रुपये बतौर होम लोन ऑफर किए हैं तो एलटीवी रेश्यो 80 प्रतिशत होगा.

कम एलटीवी चुनने से न सिर्फ आपके लोन पाने के चांस बढ़ जाएंगे बल्कि ईएमआई का कम बोझ पड़ेगा. यह कहने की जरूरत नहीं कि कम ईएमआई होने से पेंशनभोगी को होम लोन लेने का बेहतर अवसर मिलेगा.

ईएमआई कैलकुलेटर दिखाएगा आगे का रास्ता

ईएमआई कैलकुलेटर के जरिए यह पता लगाना बेहद आसान हो गया है कि कितनी ईएमआई आपको चुकानी है. पेंशनभोगी इसका इस्तेमाल कर मालूम कर सकते हैं कि होम लोन के लिए कितनी ईएमआई चुकानी पड़ेगी. यह जानना जरूरी है कि लोन अप्लाई करने से पहले ये लोन रिजेक्ट होने के चांस कम कर देता है क्योंकि पेंशनभोगी रिसर्च के बाद अपनी चुकाने की क्षमता के आधार पर लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

आपको सिर्फ बुनियादी जानकारी जैसे ब्याज दर, लोन अवधि, लोन की राशि, डाउनपेमेंट इत्यादि के बारे में पता होना चाहिए और ईएमआई कैलकुलेटर आपको सभी जरूरी जानकारी जैसे होम लोन में कितना ब्याज भुगतान करना है, कितना मूलधन है और कितनी ईएमआई लोन के एवज में देनी है, के बारे में बताएगा.

अगर आप सर्विस से रिटायर हो चुके हैं और होम लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको इन पॉइंट्स को ध्यान में रखना होगा ताकि जिंदगी की दूसरी इनिंग्स में आपका खुद का घर लेने का सपना साकार हो सके.

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