कैसे ऑनलाइन पर्सनल लोन ने बैंकिंग सेक्टर में क्रांति लायी

How Online Personal Loans have Revolutionized the Banking Sector

औपचारिक अर्थव्यवस्था के तहत अधिक से अधिक लोगों को लाने के लिए भारत सरकार की विभिन्न पहलों ने लोन चाहने वालों का ध्यान अपनी ओर मोड़ा है. लोन के पूरे इकोसिस्टम ने भारत की इकोनॉमी को और क्षमतावान बनाने में अहम भूमिका निभाई है. पैसा पाने की कोशिश करते समय आवेदक के सामने आने वाली कठिनाइयों के बाद इस पर ध्यान दिया गया.

विभिन्न फाइनेंशियल वर्कप्लेस पर डिजिटलीकरण और नए इनोवेशन्स ने नई उधार तकनीकों को उभारा है, और फिनटेक वह है जिसने देश में एक मजबूत वैकल्पिक क्रेडिट सिस्टम को स्थापित करने में मदद की है.

इन सभी अलग-अलग उत्पादों के परिणामस्वरूप इंस्टेंट लोन और ऑनलाइन पर्सनल लोन  अस्तित्व में आए हैं, जिसने लोन सिस्टम को काफी हद तक क्रांतिकारी बना दिया है. पारंपरिक लोन की तुलना में ये लोन्स काफी किफायती हैं. इसके अलावा, ये लोन आप घर बैठे भी ले सकते हैं. आप इन लोन्स को बिना बैंक जाए, अपने मोबाइल फोन से भी ले सकते हैं. देश में लगभग 500 मिलियन वेब क्लाइंट के साथ, कंप्यूटर लोन ने देश की आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए क्रेडिट पाने के दरवाजे खोल दिए हैं.

काम करने का नया तरीका

पहले बैंकों और एनबीएफसी की इतनी लचीली गाइडलाइंस नहीं थीं और ये कई बार उन लोगों के खिलाफ ही काम करती थीं, जिन्हें छोटे लोन की जरूरत है. इतना ही नहीं, प्रोसेसिंग का वक्त भी इन लोन्स में काफी ज्यादा था कि अगर कोई इमरजेंसी में है  तो उसे वक्त पर लोन नहीं मिलेगा.

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं- अगर कोई एक बैंक से पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करना चाहता है तो उनकी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के मुताबिक न्यूनतम राशि 2 लाख होना चाहिए. उस शख्स की 35 हजार तनख्वाह के साथ-साथ लोन पाने के लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर होना जरूरी था. यह एक सख्त और गैर-लचीली कसौटी है, जिसका मतलब है कि इतने सारे लोग इससे वंचित रह जाएंगे क्योंकि वे इन सभी मानदंडों को पूरा नहीं कर सकते हैं. अन्य तथ्य यह है कि कई कर्जदाता ग्राहकों को छोटे लोन देना लाभहीन मानते हैं और इसलिए, एक छोटी लोन राशि के आवेदन में दिलचस्पी नहीं लेते हैं.

जोखिम भरे छोटे लोन के सेगमेंट में बैंकों और एनबीएफसी की एंट्री की झिझक ने डिजिटल कर्जदाताओं को उस गैप को भरने का मौका दिया, जहां ग्राहकों का एक विशाल समूह था. डिजिटल लोन जैसे इंस्टेंट लोन के लिए किसी फिजिकल वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं थी, जिससे काफी समय बचता है और इसमें अन्य लोन्स की तुलना में लचीलापन और न्यूनतम एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होता है. इसके अतिरिक्त, इन लोन्स में इस्तेमाल पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होती और कुछ ही घंटों में ये आपको मिल जाते हैं, जिससे अब ये ग्राहकों की पहली पसंद बन गए हैं.

ऑनलाइन पर्सनल लोन ये सुविधाएं मुहैया कराते हैं

ऑनलाइन पहुंच: एक ऑनलाइन पर्सनल लोन ग्राहकों को लोन ऑनलाइन अप्लाई करने की सहूलियत देता है. आप अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए कर्जदाता की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं. इतना करने के बाद एप्लिकेशन प्रोसेस पूरी हो जाएगी. आपको बैंक भी जाने की जरूरत नहीं और न ही बैंक के एग्जीक्यूटिव्स के साथ फॉलो-अप करने की.

न्यूनतम पेपरवर्क: डिजिटल कर्जदाता अपने डिजिटल लोन्स के जरिए ग्राहक की विश्वसनीयता कुछ ही मिनटों में अपने ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए जान सकते हैं. जब आप ऑनलाइन लोन अप्लाई करते हैं तो कर्जदाता विभिन्न डेटा पॉइंट्स को दबाते हैं और उन्हें ग्राहक की विश्वसनीयता और लोन चुकाने की क्षमता पता चल जाती है.  आधार-ई केवाईसी के जरिए डिजिटल कर्जदाताओं का लोन प्रोसेसिंग में लगने वाला वक्त घटा दिया है.

बेहतर ग्राहक अनुभव: पारंपरिक लोन्स की प्रक्रिया काफी थकाऊ और लंबी होती है, नतीजन आपको खराब एक्सपीरियंस मिलता है. ऐसा इसलिए था क्योंकि ग्राहकों को बैंकों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था और काफी पेपरवर्क करने के बाद लोन अप्रूव होने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. ऑनलाइन लोन दुनिया में कहीं से भी अप्लाई किया जा सकता है और मोबाइल बैंकिंग के जरिए लोन लेने में लगने वाला समय भी बचता है. इतना ही नहीं, ऑनलाइन लोन्स की विशाल उपलब्धता से ग्राहकों को झंझट रहित सुविधाएं मिलती हैं.

ऑनलाइन पर्सनल लोन की ज्यादा डिमांड और ज्यादा कर्जदारों की उपलब्धता के कारण, कर्जदाताओं के बीच काफी कॉम्पिटिशन है. लिहाजा, हर कर्जदाता ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को अपने शानदार ऑफर्स से लुभाना चाहता है. लिहाजा, हर ग्राहक के लिए यह जरूरी है कि वह अच्छी तरह रिसर्च करे और इसके बाद ही किसी कर्जदाता के पास ऑनलाइन लोन के लिए अप्लाई करे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*