क्या है प्रॉपर्टी के एवज में लोन? जानिए इसके बारे में सब कुछ

Loan Against Property

शायद ही दुनिया में कोई ऐसा शख्स होगा, जिसने जीवन में कभी न कभी पैसों की तंगी का सामना न किया हो. कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब प्रॉपर्टी के एवज में लोन की जरूरत महसूस होती है. इसमें कोई शंका नहीं कि रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी के एवज में लोन काफी मददगार होते हैं और जब आपको जरूरत पड़ती है तो पैसों की तंगी को पूरा करते हैं.

प्रॉपर्टी के एवज में लोन, जैसा कि समझ आ रहा है कि यह सुरक्षित लोन है और असुरक्षित लोन की तुलना में इसकी ब्याज दरें कम होती हैं. लोन की जो राशि आपको मिलेगी, वो विभिन्न फैक्टर्स जैसे प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू और आवेदक के क्रेडिट स्कोर इत्यादि पर निर्भर करते हैं.

हालांकि, आपको यह जानकार अच्छा लग सकता है कि प्रॉपर्टी के एवज में लोन प्रीपेड भी हो सकता है. हालांकि कुछ कर्जदाता ऐसे भी हैं, जो प्रीपेमेंट राशि पर भी शुल्क लेते हैं, जबकि कुछ नहीं. आवेदक को लोन के नियम व शर्तों की अच्छी तरह समीक्षा कर लेनी चाहिए ताकि वह कर्जदाता चुनने से पहले कॉन्ट्रैक्ट के हर पहलू को समझ जाए.

कौन ले सकता है प्रॉपर्टी के एवज में लोन:

प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेने के लिए आपको कुछ मानदंड पूरे करने होंगे.

– वह भारत का नागरिक होना चाहिए.
– लोन लेते समय उसकी आयु 21 साल होनी चाहिए.
– उसके पास कोई नौकरी होनी चाहिए या फिर वह अपने मौजूदा बिजनेस में कई वर्षों से सक्रिय हो.
– वह अच्छे पैसे कमा रहा हो और उसकी मासिक भुगतान करने की क्षमता हो.
– आवेदक की अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री व समय पर कार्ड बिल और ईएमआई भुगतान करने का रिकॉर्ड होना चाहिए. इससे न सिर्फ कम ब्याज दरों पर प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेने में
– मदद मिलेगी बल्कि लोन एप्लिकेशन में लगने वाला समय भी बचेगा और प्रक्रिया में तेजी आएगी.

प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेते वक्त इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

नौकरीपेशा वालों के लिए:

– पहचान और रिहायश का प्रमाण (आधार कार्ड व वोटर आईडी कार्ड)
– आवेदन करने वाले सभी व्यक्तियों या कंपनियों के पिछले साल के सेविंग्स व करंट अकाउंट के बैंक स्टेटमेंट.
– पिछले 6 महीने की सैलरी स्लिप
– विशेष बैंक या एनबीएफसी के हक में चेक
– फॉर्म 16/इनकम टैक्स रिटर्न्स
– आवेदन करने वाले व्यक्तियों और कंपनियों के पिछले 3 साल के इनकम टैक्स रिटर्न्स
– एजुकेशन क्वॉलिफिकेशन
– नक्शे के साथ प्रॉपर्टी के पूरे दस्तावेज
– आवेदन करने वाले व्यक्ति या कंपनी के नाम पर चल रहे सभी लोन का मंजूरी पत्र
– पिछले एक साल से चल रहे बैंक लोन की स्टेटमेंट

स्वयं रोजगार वाले पेशेवरों के लिए:

– आईडी कार्ड और रिहायश प्रूफ (आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड)
– आवेदन करने वाले सभी व्यक्तियों और कंपनियों के पिछले एक साल के करंट और सेविंग्स अकाउंट के बैंक स्टेटमेंट
– विशेष बैंक या एनबीएफसी के हक में चेक
– फॉर्म 16/इनकम टैक्स रिटर्न्स
– आवेदन करने वाले सभी व्यक्तियों और कंपनियों के पिछले 3 साल के इनकम टैक्स रिटर्न्स
– पिछले तीन साल के सीए सर्टिफाइड/ऑडिटेड बैलेंस शीट व प्रॉफिट और लॉस अकाउंट
– नक्शे के साथ प्रॉपर्टी के पूरे दस्तावेज
– आवेदन करने वाले व्यक्तियों और कंपनियों के नाम पर चल रहे लोन के मंजूरी पत्र
– पिछले एक साल से चालू बैंक खातों की स्टेटमेंट

स्वयं रोजगार वाले गैर पेशेवर

– आईडी कार्ड और रिहायश प्रूफ (आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड)
– आवेदन करने वाले सभी व्यक्तियों और कंपनियों के पिछले एक साल के करंट और सेविंग्स अकाउंट के बैंक स्टेटमेंट
– विशेष बैंक या एनबीएफसी के हक में चेक
– फॉर्म 16/इनकम टैक्स रिटर्न्स
– बिजनेस की मौजूदगी का सबूत और बिजनेस प्रोफाइल
– आवेदन करने वाले सभी व्यक्तियों और कंपनियों के पिछले 3 साल के इनकम टैक्स रिटर्न्स
– पिछले तीन साल के सीए सर्टिफाइड/ऑडिटेड बैलेंस शीट व प्रॉफिट और लॉस अकाउंट
–  जीएसटी सर्टिफिकेट
– पिछले एक साल के जीएसटी ट्रैक
– नक्शे के साथ प्रॉपर्टी के पूरे दस्तावेज
– व्यक्ति और कंपनियों के नाम पर चल रहे लोन के मंजूरी पत्र
– पिछले एक साल के चालू लोन के बैंक स्टेटमेंट ट्रैक
– कंपनी एमओयू/एओयू

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