आधार कार्ड पर कैसे हासिल करें पर्सनल लोन, जानिए पूरी प्रक्रिया

कैसे आप आधार कार्ड पर पा सकते हैं पर्सनल लोन: आधार कार्ड ने लोन लेने की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है. ऑनलाइन लोन देने वालों ने पेपरलेस इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी लॉन्च की है, जिसे ई-केवाईसी भी कहा जाता है. इससे दस्तावेजों के वेरिफिकेशन में लगने वाला वक्त और मेहनत काफी हद तक कम हो गई है. ऑनलाइन पर्सनल लोन को इंस्टेंट पर्सनल लोन भी कहा जाता है. सिर्फ दस्तावेजों को स्कैन कर उसे अपलोड करने से ही आपको लोन मिल सकता है. इन दिनों कर्ज आधार कार्ड जमा करने पर ही मिल रहा है. इससे आम जनता की परेशानियां भी कम हो रही हैं. ऑनलाइन लोन का वितरण आवेदक की ऑनलाइन वेरिफिकेशन (ई-केवाईसी) के जरिए ही मुमकिन हुआ है.

आधार कार्ड ने कैसे लोन प्रक्रिया को बनाया आसान?

आमतौर पर ग्राहक को पर्सनल लोन की तुरंत जरूरत होती है और वह लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं कर सकता. ऐसे में आधार कार्ड के आने और केवाईसी प्रोसेस के डिजिटाइजेशन होने से पर्सनल लोन एप्लिकेशन की प्रक्रिया काफी आसान हो गई है. आधार कार्ड के डेटाबेस में सभी आवेदकों की उम्र, नाम और पता होता है. इससे वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज हो गई है और कर्जदाता को तुरंत कैश भी मिल जाता है. वहीं आवेदक भी लंबी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से बच जाता है.

आधार कार्ड पर पर्सनल लोन लेने के फायदे:

– एक ही दस्तावेज को उम्र, फोटो, पहचान और अड्रेस के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
– इससे ऑनलाइन वेरिफिकेशन आसान और तेज हो गई है.
– आपको अन्य वित्तीय संस्थानों से लोन मिल जाता है.

कैसे फाइनेंस की दुनिया में आधार कार्ड लाया क्रांति

कई वर्षों से कर्ज देने वाले संस्थान ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए चुनौतियों का सामना कर रहे हैं क्योंकि इसमें पेपर बेस्ड वेरिफिकेशन होने के कारण ऑपरेटिंग कॉस्ट ज्यादा हो जाती है. आधार कार्ड के लॉन्च होने से यह समस्या खत्म हो गई है क्योंकि मैनुअल वेरिफिकेशन ई-केवाईसी के जरिए हो सकती है. यह आम इंसान के लिए बड़ी राहत है क्योंकि वह लोन अप्लाई करने लायक हो गया है वो भी सिर्फ केवाईसी दस्तावेजों के जरिए.

मनी लॉन्ड्रिंग के मुद्दों से निपटने के लिए भारत सरकार ने कर्ज देने वाले संस्थानों के लिए केवाईसी से संबंधित सख्त गाइडलाइंस बनाई हैं. आधार कार्ड के आने से पहले केवाईसी की प्रक्रिया में काफी ज्यादा वक्त लगता था. साल 2010 में आधार कार्ड लॉन्च किया गया और पूरा प्रोसेस ही डिजिटल हो गया. इसके बाद लोगों के बैंक अकाउंट आधार कार्ड से जोड़ दिए गए. आधार कार्ड डेटाबेस में सभी आवेदकों के बायोमीट्रिक और फिंगरप्रिंट्स होते हैं.  इस जानकारी को केवाईसी प्रक्रिया के आसान सत्यापन और उसे पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. अब आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ केवाईसी के लिए ही नहीं किया जा रहा बल्कि बैंक अकाउंट खोलने, नया सिम लेने, पैन कार्ड व इनकम टैक्स रिटर्न्स फाइल करने के लिए भी हो रहा है.

प्राइवेट सेक्टर पर आधार कार्ड का प्रभाव

सरकार के नियमों के मुताबिक, सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए हर नागरिक के पास आधार कार्ड होना चाहिए. आधार कार्ड एक जरूरी दस्तावेज है और सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्राइवेट सेक्टर भी इस पर भरोसा करता है. तुरंत फंड पाने के लिए सभी ऑनलाइन कर्जदाता आपसे आधार कार्ड मांगते हैं.  इसलिए अगर आपके पास पर्सनल लोन हासिल करने के लिए सभी दस्तावेज नहीं हैं तो उम्मीद न खोएं. आपका आधार कार्ड तुरंत पैसा पाने का नया टिकट है.

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