मुश्किल समय में कैसे चुकाएं अपने होम लोन की ईएमआई, ये हैं विकल्प

Home Loan EMI

घर खरीदना आपके जीवन का सबसे बड़ा खर्च हो सकता है. तो आपको निश्चित रूप से इसे होम लोन के रूप में खोजने में मदद की जरूरत होगी. होम लोन जैसे कर्ज को चुकाना हमारा नैतिक और कानूनी दायित्व है. अगर आपने एक या अधिक ईएमआई देने में चूक की तो कर्जदाता आपको लोन डिफॉल्टर के तौर पर नहीं मानेंगे. लेकिन अगर आप ऐसा करते ही रहेंगे तो आपको रिमाइंडर्स भेजे जाएंगे. आपका अहंकारी बर्ताव वित्तीय संस्थानों को आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर मजबूर कर सकता है साथ ही आपको लोन डिफॉल्टर घोषित भी किया जा सकता है. और अगर आप लोन डिफॉल्टर बन गए तो बैंक आपकी संपत्ति को जब्त कर लेगा. इतना ही नहीं, इससे क्रेडिट स्कोर भी गिरेगा और आपको भविष्य में लोन के लिए अयोग्य बना देगा. अगर आप होम लोन की ईएमआई चुका नहीं पा रहे हैं तो ये हैं कुछ विकल्प:

होम लोन पर मोलभाव

सबसे बेहतर विकल्प बैंक के साथ बैठकर इस पर मोलभाव करना है. अधिकारी भी आपकी प्रॉपर्टी जब्त करने जैसी लंबी प्रक्रिया अपनाने की जगह इस मुद्दे पर आपसे बैठकर बात करने में दिलचस्पी दिखाएंगे. आप होम लोन या संबंधित लोन के लिए ईएमआई भुगतान के पिछले दस्तावेजों के साथ विषय पर उनसे बात कर सकते हैं, जिन्हें आपने मंजूरी दे दी है.

होम लोन ईएमआई का ग्रेस पीरियड

ऐसे भी मौके आते हैं, जब आप नौकरी से हाथ धो बैठते हैं या फिर बिजनेस में नुकसान हो जाता है. ऐसे मामलों में आप अपने कर्जदाता से ग्रेस पीरियड मांग सकते हैं, ताकि कुछ पेनाल्टी के बाद ईएमआई का भुगतान फिर शुरू किया जा सके. इस तरीके से आप लोन चुकाने की कम अवधि की परेशानियों से बच सकते हैं.

काउंसिलिंग सेंटर्स

हो सकता है आप काउंसिलिंग सेंटर्स को परेशानियों का हल न मानें लेकिन वे आपकी इस मुद्दे पर मदद कर सकते हैं. वे आपको इस स्थिति से निकालने के लिए बेहतर सुझाव दे सकते हैं. इतना ही नहीं वे इस पर आपको ज्ञान देंगे और कर्ज के मकड़जाल में फंसने नहीं देंगे.

लोन इंश्योरेंस

आप बाजार में मौजूद विभिन्न लोन बीमा योजनाओं की मदद से अपने होम लोन की ईएमआई को कम अवधि के लिए कवर कर सकते हैं. इसके अलावा, आप अपने होम लोन के साथ इस तरह की योजना खरीदने के बारे में सोच सकते हैं. हालांकि, सटीक राशि के लिए होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते हुए अपनी मासिक ईएमआई की न्यूनतम ब्याज दरों पर कैलकुलेशन करें.

होम लोन रीफाइनेंसिंग

ऐसे भी मौके आ सकते हैं, जब ब्याज दरें ज्यादा हो जाएं. बढ़ी हुई ईएमआई को अफोर्ड कर पाना मुश्किल हो सकता है. ऐसी स्थिति में आप अपने बैंक से होम लोन को रीफाइनेंस या रीस्ट्रक्चरिंग करने को कह सकते हैं. इसके बाद बैंक लोन की अवधि को बढ़ा सकता है, जिससे ईएमआई कम हो जाएगी. हालांकि आपको राशि ज्यादा चुकानी पड़ेगी लेकिन ये प्रॉपर्टी से हाथ धो बैठने से अच्छा विकल्प है.

अपने निवेश को तरल करना

अगर कोई भी विकल्प आपके हक में काम नहीं करता तो आप अपने मौजूदा निवेश जैसे म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट को तरल कर वक्त पर होम लोन की ईएमआई चुका सकते हैं. इतना ही नहीं, इस राशि का उपयोग किसी खास लोन के भुगतान की एक निश्चित हिस्सेदारी के लिए किया जा सकता है, आपकी मौजूदा ईएमआई घट जाएगी.

तो ये वो विकल्प हैं, जिनका इस्तेमाल आप होम लोन की ईएमआई वक्त पर भुगतान करने के लिए कर सकते हैं. लेकिन इनमें से किसी एक का चुनाव करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपका फाइनेंस सही हो. सभी तरह की स्थितियों के लिए तैयार रहें और हमेशा अपने पास इमरजेंसी फंड रखें.

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