होम लोन गारंटर गाइड: होम लोन में गारंटर बनने से पहले इन बातों को रखें ध्यान

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कर्जदाताओं की नियम व शर्तों की एक लंबी सूची होती है, जिसे ग्राहकों को लोन लेने के लिए मानना पड़ता है. कई बार ऐसे मामले होते हैं, जिसमें ग्राहक होम लोन एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा भी कर लेते हैं लेकिन उन्हें लोन दस्तावेज पर साइन करने के लिए एक गारंटर की जरूरत पड़ती है. ऐसे मामलों और लोन में गारंटर के तौर पर शामिल होने के दौरान जोखिमों के बारे में आज हम आपको बताएंगे.

होम लोन के लिए गारंटर होने की जरूरी शर्तें:

कर्जदाता एक या उससे अधिक मामलों में ग्राहक से गारंटर मांगते हैं, जो हैं:

– जो राशि उधार ली जानी है, वह बैंक के नियमों की सीमा से ज्यादा है.
– अगर ग्राहक का क्रेडिट स्कोर कम है.
– अगर ग्राहक की लोन के पुनर्भुगतान/कर्ज निपटान के मामले में रिकॉर्ड खराब है.
– अगर ग्राहक की बेहद जोखिम भरी नौकरी में है.
– अगर ग्राहक की उम्र ज्यादा है.
– अगर ग्राहक मासिक आय का न्यूनतम क्राइटेरिया भी पूरा नहीं कर पाता.

बैंक द्वारा ग्राहक से गारंटर लाने के पीछे मौलिक कारण यह सुनिश्चित करना है कि अगर पहला आवेदक लोन चुकाने में चूक कर दे तब भी पैसे का भुगतान हो जाए.

लोन गारंटर बनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

लोन दस्तावेज में बतौर गारंटर साइन करने से पहले आपको नीचे दिए गए कुछ सवालों के जवाब देने होंगे. एक बेहतरीन फैसला लेना बहुत जरूरी है क्योंकि एक बार साइन करने के बाद अगर असली ग्राहक लोन नहीं चुकाता है तो आपको कर्ज चुकाना होगा.

क्या आप फाइनेंशियल गारंटर हैं या नॉन फाइनेंशियल?

कर्जदाता आमतौर पर ग्राहक को वित्तीय या गैर-वित्तीय गारंटर के रूप में पहचान करने के लिए कहते हैं. गैर-वित्तीय गारंटर को रिकॉर्ड पर रखा जाता है और केवल प्राथमिक आवेदक तक नहीं पहुंचने की स्थिति में बैंक के लिए वैकल्पिक संपर्क के रूप में काम करता है. हालांकि एक वित्तीय गारंटर के उलट, एक गैर-वित्तीय गारंटर ग्राहक की ओर से होम लोन के पुनर्भुगतान में किसी भी डिफॉल्ट के लिए वित्तीय रूप से उत्तरदायी नहीं है.

गारंटर के रूप में आप कौन से कार्यों को स्वीकार कर रहे हैं?

एक वित्तीय गारंटर के काम आमतौर पर बकाया होम लोन चुकाने के साथ-साथ किसी भी ब्याज और लेट फीस के कारण सीमित होते हैं, अगर कर्जदाता लोन चुकाने में विफल रहता है. कानून यह भी है कि इसे कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए, खासकर अगर प्राथमिक ग्राहक को विलफुल डिफॉल्टर के रूप में पहचाना जाता है.

क्या गारंटर के तौर पर साइन करने से आपकी लोन एलिजिबिलिटी पर असर पड़ेगा?

जहां तक कर्जदाताओं की बात है एक वित्तीय गारंटर के रूप में आपकी देयता की सीमा प्राथमिक ग्राहक के बराबर है. इसलिए, प्राथमिक ग्राहक द्वारा की गई किसी भी चूक या देर से भुगतान का आपके क्रेडिट स्कोर पर प्रभाव पड़ेगा.

होम लोन की अवधि कैसे आप पर प्रभाव डालेगी?

होम लोन की अवधि गारंटर के लिए बेहद अहम है क्योंकि जब तक इसे पूरी तरह से चुकाया नहीं जाता, वह इसे लिए उत्तरदायी रहेंगे. जब लोन का पूरी तरह भुगतान हो जाता है तो आपको नो ऑब्जेक्शन्स सर्टिफिकेट (NOC) और गारंटरशिप से मुक्त होने का सर्टिफिकेट कर्जदाता से लेना पड़ता है ताकि प्रक्रिया पूरी की जा सके.

क्या आप वित्तीय रूप से सुरक्षित हैं और गारंटर के तौर पर लोन की शर्तों से वाकिफ हैं?

बतौर गारंटर आपको जिम्मेदारी लेने से पहले अपने खुद के वित्तीय दृष्टिकोण के बारे में सुनिश्चित होना चाहिए. अगर ग्राहक चूक करता है तो आपको सबसे खराब स्थिति के लिए अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए और समय पर ईएमआई भुगतान करने की क्षमता होनी चाहिए. इसके अलावा, आपको लोन दस्तावेज़ में लिखे नियमों और शर्तों से पूरी तरह वाकिफ होना चाहिए ताकि कोई स्थिति आप पर हावी न हो सके.

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