आपको मिलने वाली बिजनेस लोन की राशि को प्रभावित करने वाले अहम कारण

Factors Affecting The Amount Of Business Loan You Get

सही कहा गया है कि सभी व्यापारों की रीढ़ वित्त यानी पैसा होता है. इन पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल, फिक्स्ड असेट्स, उपकरण या मशीनरी खरीदने में किया जा सकता है. कई बार, बिजनेस मालिकों को पैसों की तंगी का सामना करना पड़ता है, जहां निजी फंड खत्म होने के बाद वह फंडिंग के दूसरे विकल्पों को देखता है.

ऐसे समय पर बिजनेस लोन लेना सभी कारोबार मालिकों के लिए अहम कदम साबित हो सकता है. बिजनेस मालिक कई कारणों से इसे लेने के बारे में सोच सकता है चाहे वो मशीनरी की खरीद हो या फिर वर्किंग कैपिटल में निवेश. हर बिजनेस मालिक की अलग जरूरत होती है लेकिन लोन की राशि की मंजूरी विभिन्न कारणों पर निर्भर करती है. यह सुनिश्चित करने के लिए कि जितना लोन आपको चाहिए कर्जदाता उतना ही दे, इसके लिए आपको उन कारणों को जानना और उन पर काम करना होगा, ताकि नतीजे सकारात्मक आएं.

क्रेडिट स्कोर

अगर आपका क्रेडिट स्कोर बहुत अच्छा है तो आपको बिजनेस लोन बहुत आसानी से मिल जाएगा. अगर कर्जदाता के पैमाने के भीतर आपका क्रेडिट स्कोर है तो जितनी लोन राशि आपको चाहिए वो मिल जाएगी.

ध्यान रहे कि क्रेडिट स्कोर आपकी विश्वसनीयता आंकड़ों में दिखाता है. यह एक अहम निर्णायक कारक है जिस पर हर कर्जदाता लोन अप्रूव करने से पहले विचार करता है. इसके अलावा क्रेडिट स्कोर आपकी ब्याज दर तय करने में भी अहम भूमिका अदा करता है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो आप एक जोखिम वाले ग्राहक हैं. लिहाजा कर्जदाता आपको ज्यादा ब्याज दर पर लोन ऑफर करेगा. इसी तरह, अगर आपका क्रेडिट स्कोर ज्यादा है तो आप अधिक जोखिम वाले नहीं हैं और कर्जदाता आपको कम ब्याज दर पर भी बिजनेस लोन दे देंगे.

क्रेडिट रिपोर्ट में कुछ नंबर, कितनी राशि का लोन लिया, वक्त पर लोन की चुकौती, वक्त पर बिल्स का भुगतान और शख्स के कर्ज पुनर्भुगतान की क्षमता के बारे में लिखा होता है.

जो कंपनियां क्रेडिट रिपोर्ट बनाती और मूल्यांकन करती हैं, वे हैं:
• ट्रांसयूनियन सिबिल
• इक्वीफैक्स
• क्रिसिल
• एक्सपीरियन

भारत में क्रेडिट स्कोर की रेंज 300 से 900 तक होती है. लेकिन यह 700 या इससे ज्यादा होनी चाहिए. हालांकि कई कर्जदाता 600 पर भी लोन ऑफर करते हैं खासकर एनबीएफसी. अगर आपका क्रेडिट स्कोर 700 या उससे ज्यादा है तो आपके लोन अप्रूव होने के चांस ज्यादा हैं. ध्यान दें कि कम क्रेडिट स्कोर कर्जदाताओं के लिए लाल झंडी होती है और वे आपके द्वारा मांगी गई लोन राशि को अप्रूव नहीं करते. इस लाल झंडी में शामिल होता है:
• बहुत सारे लोन, यह कोई भी हो सकता है- पर्सनल लोन, होम लोन या एजुकेशन लोन
• डिफ़ॉल्ट चेक
• लोन डिफॉल्ट्स
• उपभोक्ता की शिकायतें
• नकारात्मक नकदी प्रवाह
• कैश की कमी

कैश फ्लो

नकदी का सकारात्मक प्रवाह दिखाता है कि आपके बिजनेस के पास खर्चों को मैनेज करने के लिए पर्याप्त कैश इनफ्लो है. सभी कर्जदाता पैसे देने से पहले बिजनेस की तरलता को देखते हैं. इसी तरह, बिजनेस लोन के रूप में मंजूर की जाने वाली राशि निर्धारित करने के लिए सकारात्मक नकदी प्रवाह भी एक अन्य कारक है. गौरतलब है कि सकारात्मक नकदी प्रवाह को अपर्याप्त कच्चे माल या तैयार उत्पाद के कारण भी संकेत दिया जा सकता है. हालांकि, यह कर्जदाताओं द्वारा नकारात्मक नकदी प्रवाह माना जाएगा. सकारात्मक नकदी प्रवाह के साथ, बिक्री हमेशा बढ़ती या स्थिर होनी चाहिए.

बिजनेस प्लान

एक मजबूत बिजनेस मॉडल और सटीक बिक्री अनुमान के साथ एक ठोस योजना बिजनेस लोन को लेने और चुकाने की आपकी क्षमता को दिखाएगी. एक अच्छे बिजनेस प्लान में होगा:
• मार्केटिंग स्ट्रैटजी
• पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स की सूची
• पाइपलाइन में शामिल प्रोजेक्ट्स की सूची
• सेल्स चैनल

बिजनेस प्लान भविष्य की बिक्री, मुनाफे के पहलुओं पर कर्जदाताओं को भरोसा दिलाता है कि आपके पास समय पर ब्याज के साथ लोन चुकाने की क्षमता है.

खासतौर पर, बिजनेस प्लान के अलावा, आपको कर्जदाता की ओर से मांगे गए बिजनेस लोन के दस्तावेज भी पेश करने पड़ते हैं. साथ ही जरूरी राशि हासिल करने के लिए योग्यता के पैमानों को पूरा करना पड़ता है. ऊपर बताए गए पॉइंट्स आपको आसानी से इच्छित लोन की राशि दिलाने में मदद करेंगे.

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