ड्रीम होम या स्टार्टर होम? दोनों में कौन है बेहतर विकल्प?

Dream Home Vs Starter Home Which One is a Better Option?

कई लोगों की विश लिस्ट में खुद का घर खरीदना होता है. यह ख्वाहिश एक सपना बन जाता है, अगर कोई लग्जरी घर खरीदना चाहता हो, जो उनके बजट के बाहर हो. सबसे पहले, इसके लिए काफी पैसा चाहिए साथ ही फाइनेंशियल प्लानिंग भी. इसके अलावा इस सपने को पूरा करने के लिए आपको अपने वित्त के परे जाना होगा.

लेकिन क्या आप सोचते हैं कि जब तक जरूरी फंड जमा नहीं होता तब तक खरीद स्थगित कर देना एक अच्छा आइडिया है? खैर, यह एक महंगा सौदा साबित हो सकता है और तनावपूर्ण भी. दूसरी ओर, जब तक आप अपना घर नहीं खरीदेंगे, आपको किराये के घर में रहना होगा. इसका मतलब है कि जो पैसा ईएमआई में जा सकता था, वह किराये पर खर्च होगा.

तो आपको क्या करना चाहिए? क्या आपको तब तक किराये के घर में रहना चाहिए, जब तक उतना पैसा जुड़ नहीं जाता? या फिर अपने वित्त से परे जाकर अपना ड्रीम होम खरीदना चाहिए?  लेकिन अपना ड्रीम होम खरीदने और किराये पर रहने में एक बीच का विकल्प भी मौजूद है. आप एक किफायती घर खरीद सकते हैं, जिसे स्टार्टर होम भी कहा जाता है. अब आप सोच रहे होंगे कि ये क्या है?

क्या होता है स्टार्टर होम?

जैसा कि नाम से पता चल रहा है कि स्टार्टर होम एक किफायती घर होता है, जो हम में से काफी लोग पहले घर की तरह खरीदते हैं. यह आमतौर पर एक छोटा घर होता है, जिसमें वो सभी सुविधाएं नहीं होतीं, जो आप अपने ड्रीम होम में चाहते हैं.

आमतौर पर स्टार्टर होम में आपको कुछ चीजों के साथ समझौता करना पड़ता है. चाहे वो लोकेशन हो, कार्पेट एरिया हो या फिर इंटीरियर.

लेकिन स्टार्टर घर खरीदने के कुछ फायदे भी हैं, जैसे:

-वे कम महंगे होते हैं.
-इनको खरीदने के लिए आपको वर्षों तक डाउन पेमेंट जमा करने का इंतजार नहीं करना पड़ता.
-एक स्टार्टर होम खरीदना आपको एक ही समय में एक संपत्ति में पैसा बचाने और इक्विटी बनाने का मौका दे सकता है.

-जो पैसा आप किराया देने में खर्च करते, उसका इस्तेमाल घर की ईएमआई देने में खर्च होगा. इसका फायदा यह है कि किराए का भुगतान करते समय आपको बस रहने के लिए जगह मिल जाती है, जबकि ईएमआई में निवेश करने पर आपको एक ही समय में घर के रहने और ओनरशिप मिलती है.

फोरएवर होम/ड्रीम होम

ड्रीम होम यानी वो घर, जहां रहना आपका हमेशा से सपना रहा है. यह वो घर होता है, जिसमें आप बहुत लंबे समय तक या अपना बाकी जीवन जीने के बारे में सोच सकते हैं. ड्रीम होम में लगभग वह सब कुछ होता है जो आप एक घर में चाहते हैं. एक बड़ी बालकनी, अच्छे इंटीरियर और वार्डरोब के साथ बेडरूम, एक बैकयार्ड, परफेक्ट लोकेशन और अपनी जरूरत के मुताबिक कार्पेट एरिया. इन घरों की सबसे बड़ी सहूलियत यही होती है कि आपको घर को बदलते वक्त के साथ शिफ्ट नहीं करना पड़ता. लेकिन स्टार्टर होम्स की तुलना में ये घर काफी महंगे होते हैं.

ड्रीम होम के लिए कोशिश कब करनी चाहिए?

– जब आपको लगे कि आप किसी खास इलाके में लंबे समय तक रह सकते हैं
– अगर आप अपने करियर में स्थिर हो गए हैं.
– जब आप वित्तीय तौर पर मजबूत हों.
– जब आपको लगे कि परिवार शुरू करना चाहिए.
– ड्रीम होम में निवेश करना केवल ऊपर बताई गई स्थितियों में ही सहूलियत भरा हो सकता है.

स्टार्टर होम खरीदने के फायदे

– यह आपको स्थिरता और एक अच्छा एहसास देता है.
– यह एक अच्छा निवेश है, जिसमें भविष्य में अच्छे रिटर्न देने की क्षमता है.
– आपका पैसा सही जगह पर उपयोग हो जाता है क्योंकि आपको बदले में घर का मालिकाना हक मिलता है.
– होम लोन का फायदा उठाते समय आप प्रिंसिपल अमाउंट और ब्याज पुनर्भुगतान के लिए लागू विभिन्न आयकर नियमों के तहत कर छूट (कटौती) का लाभ उठा सकते हैं.
– आप प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत वे फायदे ले सकते हैं, जहां आपको अपने होम लोन पर 2.5 लाख तक की सब्सिडी मिलती है.
– स्टार्टर होम किफायती हैं इसलिए इसके डाउन पेमेंट के लिए पैसे का इंतजाम करना कई लोगों के लिए कोई बड़ी बात नहीं है, और लोन की राशि कम होने के कारण इसे कम         समय में आसानी से चुकाया जा सकता है.

घर का मालिकाना हक हासिल करना कोई छोटी बात नहीं है. यह बड़ा फैसला होता है और वर्षों तक आपके वित्त को प्रभावित कर सकता है. स्टार्टर होम खरीदना एक अच्छा सौदा है क्योंकि यह जिंदगी के उस मोड़ पर आपका रास्ता आसान कर देता है. स्टार्टर होम खरीदने से आपके पैसे भी बचते हैं, जो आप किराये में खर्च करते. यह आपको वित्तीय स्थिरता भी देता है. इसके अलावा, स्टार्टर होम में रहने से आप अपनी आय बढ़ा सकते हैं और फिर ड्रीम होम खरीदने का सपना साकार हो सकता है.

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