कैसे अपने लोन का बोझ आप स्मार्ट तरीकों से घटा सकते हैं

Cut Down On Your Loan Burden Smartly

जिंदगी के अहम हिस्सों में लोन भी एक जरूरी चीज है. जिंदगी में कभी न कभी पैसों की तंगी के वक्त हम इसे चुनते हैं. लेकिन लोन कई बार बोझ भी बन जाते हैं क्योंकि उन्हें एक निश्चित अवधि में आपको ब्याज के साथ चुकाना पड़ता है. लेकिन अगर सही तरीके से इसका प्रबंधन किया जाए तो आपके लोन का बोझ कम हो जाएगा और जिंदगी तनाव रहित. आज इस आर्टिकल में हम आपको उन तरीकों के बारे में बताएंगे, जिनके जरिए आप लोन के बोझ को स्मार्ट तरीके से घटा सकते हैं.

किफायती ईएमआई का विकल्प चुनें: अगर ग्राहक मासिक ईएमआई को चुकाने में विफल रहता है तो क्रेडिट स्कोर खराब हो जाएगा और भविष्य में उधार लेने के चांस कम हो जाएंगे. लिहाजा यह जरूरी है कि आप किफायती ईएमआई का विकल्प चुनें, जिसे चुकाना आसान हो. आपको लोन की कितनी ईएमआई चुकानी होगी, इसे जानने के लिए आप ईएमआई कैलकुलेटर का सहारा ले सकते हैं. इससे ग्राहक यह जान पाएगा कि उसे कितनी ईएमआई चुकानी है और क्या वह इसे अफोर्ड कर सकता है.

इनकम बढ़े तो रीपेमेंट की राशि भी बढ़ा दें

अगर आपकी इनकम बढ़ती है तो हमारी सलाह है कि आप ईएमआई की राशि को भी बढ़ा दें. इससे आप अपने लोन को तय अवधि से पहले ही चुका देंगे और जिंदगी के बाकी मुद्दों पर ध्यान दे पाएंगे. अगर किसी के दो लोन चल रहे हैं तो पहले ज्यादा राशि वाला लोन चुकाएं. दूसरी ओर अगर आपका क्रेडिट कार्ड का बिल भी बकाया है तो उसे भी पहले चुकाएं.

रीफाइनेंसिंग भी एक शानदार विकल्प है

रीफाइनेंसिंग या बैलेंस ट्रांसफर सिर्फ ब्याज ही कम नहीं करेगा बल्कि लोन के बोझ को भी घटा देगा. इसका मतलब है कि कोई शख्स मौजूदा लोन को किसी नए लोन से चुका दे, जिसे वह मौजूदा या नए कर्जदाता से ले सकता है.

रीफाइनेंसिंग उस मामले में मददगार साबित होता है, जब ग्राहक का कोई लोन चल रहा हो और उसने उसे ज्यादा ब्याज पर ले रखा हो या कोई अप्रिय स्थिति हो. जबकि वही लोन बेहतर शर्तों पर विभिन्न कर्जदाता द्वारा प्रदान किया जा रहा है.

रीफाइनेंसिंग के विकल्प को चुनने के लिए ग्राहक को नए कर्जदाता के पास बैलेंस ट्रांसफर के लिए अप्लाई करना होगा, जो सीधे पिछले कर्जदाता को पैसे देगा और फिर वो ग्राहक का लोन खाता बंद कर देगा. और नया कर्जदाता नया खाता खोल देगा.

जहां मुमकिन हो प्रीपेमेंट या पार्ट पेमेंट करें

प्री-पेमेंट या पार्ट पेमेंट उधारकर्ता को निर्धारित समय से पहले लोन राशि के साथ-साथ ब्याज भुगतान करने की अनुमति देता है. लोन की प्री पेमेंट बकाया मूल राशि को कम करता है जो बदले में ईएमआई को घटा देता है.

दूसरी ओर, ऐसे भी मौके होते हैं, जब ग्राहक के पास सरप्लस राशि होती है. वह इसका इस्तेमाल भागों में होम लोन के भुगतान में कर सकता है. होम लोन पर ये आंशिक भुगतान मूल राशि को कम कर सकते हैं साथ ही उस पर लगने वाले ब्याज व आपकी ईएमआई को प्री और पार्ट पेमेंट दोनों ही वित्तीय बोझ को कम कर देते हैं. लेकिन यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कर्जदाता ने ग्राहक को प्री और पार्ट पेमेंट का विकल्प दिया है या नहीं.

कर्ज चुकाने में करें मौजूदा निवेश का इस्तेमाल

ग्राहक पीपीएफ, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी इत्यादि पर लोन लेकर भी कर्ज चुका सकते हैं. आपको बता दें कि पीपीएफ ग्राहक को निवेश के तीसरे महीने से लोन लेने की इजाजत देता है, जिसे अगले तीन वर्षों तक भुगतान किया जा सकता है. पीपीएफ से लोन के रूप में हासिल की जा सकने वाली अधिकतम राशि शेष राशि का 25% तक हो सकती है. ब्याज पर उधार ली गई राशि पीपीएफ दर से 2% ज्यादा है.

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