क्या आप सर्वश्रेष्ठ होम लोन तलाश रहे हैं? तो सावधानी से चुनें कर्जदाता

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इस बात में कोई शक नहीं कि होम लोन लेने का फैसला आपके जीवन के सबसे अहम फैसलों में से एक होता है. क्योंकि इसका नतीजा आपके सपने की सफलता होगा. एक घर, जो आपका अपना होगा. लेकिन इसके लिए आपको एक अच्छा कर्जदाता भी चुनना होगा.

यहां कोई भी ढीलापन दिखाने से आपके सपने को साकार करने की दिशा में आपकी यात्रा की शुरुआत गलत मुकाम पर चली जाएगी और भविष्य में चीजें बिगड़ेंगी. आइए अब आपको जरूरी फैक्टर्स से रूबरू कराते हैं, जो कर्जदाता को लेकर आपके जोखिम को कम से कम करने में मदद करेंगे और आपको फायदे पहुंचाएंगे.

होम लोन ब्याज दर

यह होम लोन की ब्याज दर होती है, जो ईएमआई तय करती है. किसी बैंक को फाइनल करने से पहले मार्केट की एक व्यापक रिसर्च जरूरी है. आपको अपने लोन के लिए न्यूनतम ब्याज दरें चुननी चाहिए. आपको यह भी तय करना होगा कि आप परिवर्तनशील ब्याज दर चुनेंगे या फिर फिक्स्ड ब्याज दर. अगर ब्याज दर कम हो जाती है तो आपको परिवर्तनशील ब्याज दरें चुननी चाहिए और अगर ब्याज दर बढ़ती है तो फिक्स्ड ब्याज दर चुनना सही है.

प्रोसेसिंग फीस और प्रीपेमेंट चार्जेज

जब आप होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो बैंक लोन एप्लिकेशन को मैनेज करने में कुछ राशि बतौर शुल्क लगाते हैं. यह जरूरी है कि आप ऐसा बैंक चुनें, जिसकी लोन एप्लिकेशन फीस कम से कम हो.

होम लोन रेट रिवीजन

हमेशा अपने बैंक पर नजर बनाए रखें कि क्या बैंक रिवाइज्ड इंट्रस्ट रेट लाएगा या नहीं. ये बदलाव रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) करता है. अगर आपने संशोधित ब्याज दर का विकल्प चुना है, तो आपको उस बैंक का विकल्प चुनना चाहिए जो आरबीआई की ओर से शुरू की गई लोन दर को तुरंत संशोधित करता है.

होम लोन की दस्तावेज प्रक्रिया

हमेशा ऐसे बैंक को चुनें, जिसकी आसान और छोटी लोन प्रक्रिया हो. उम्र का सबूत, आय का सबूत, पहचान का सबूत इत्यादि ऐसी जानकारियां हैं, जिसे बैंक को जरूरत पड़ती है. इसलिए लोन अप्लाई करने से पहले इन दस्तावेजों के साथ तैयार रहें.

बदलाव का समय

आपको ऐसा बैंक चुनना चाहिए, जो लोन प्रोसेसिंग और वितरण में कम से कम वक्त ले. जिस बैंक का अच्छा नाम हो, काम में तेजी और लोन देने के बाद बेहतर ग्राहक सेवा हो, उसे वरीयता दी जानी चाहिए.

होम लोन के लिए डॉक्युमेंट चेक लिस्ट:

– पहचान, निवास और आयु प्रमाण
– सभी आवेदन करने वाले व्यक्तियों या कंपनी के पिछले एक साल के करंट और सेविंग्स अकाउंट का ब्योरा.
– पिछले 6 महीने की सैलरी-स्लिप (यदि आप वेतनभोगी हैं)
– विशेष बैंक/ एनबीएफसी के पक्ष में चेक
– फॉर्म 16 / आयकर रिटर्न
– व्यवसाय के अस्तित्व और व्यापार प्रोफ़ाइल का सबूत (यदि आप एक बिजनेस चलाते हैं)
– सभी व्यक्तियों और कंपनियों के पिछले तीन साल के इनकम टैक्स रिटर्न्स (गणना के साथ)
– पिछले 3 साल का सीए प्रमाणित/ ऑडिटेड बैलेंस शीट और लाभ और हानि खाता (यदि लागू होती है तो)
– जीएसटी प्रमाणपत्र (यदि लागू होती है तो)
– पिछले साल का जीएसटी ट्रैक (यदि लागू हो तो)
– शैक्षिक योग्यता (यदि आप किसी भी संगठन में काम कर रहे हैं)
– मैप के साथ प्रॉपर्टी के पूरे डॉक्यूमेंट्स
– अप्लाई करने वाले व्यक्तियों या कंपनियों के नाम पर चल रहे लोन के मंजूरी पत्र
– पिछले एक साल से चल रहे बैंक लोन की स्टेटमेंट
– कंपनी एमओयू/ एओयू (यदि लागू होती है तो)

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